उत्तर प्रदेश। सोमवार को यूपी विधानमंडल के बजट सत्र में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निजी अस्पतालों की मनमानी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग को लगभग 500 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 178 अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं, 280 पर एफआईआर दर्ज कराई गई और 533 को सील किया गया। इसके अलावा 1542 अस्पतालों को नोटिस भेजे गए, जबकि अपील के बाद 59 लाइसेंस बहाल किए गए।

डिप्टी सीएम यह जानकारी सपा सदस्य अतुल प्रधान के सवाल के जवाब में दे रहे थे, जिन्होंने निजी अस्पतालों में नीति निर्धारण और मनमानी रोकने की मांग उठाई थी। उन्होंने बताया कि 426 डायग्नोस्टिक सेंटरों को नोटिस भेजा गया, 84 के लाइसेंस रद्द किए गए और 57 के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। 91 पैथालॉजी सेंटरों को सील किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निजी डॉक्टरों के परामर्श शुल्क या जांचों के रेट तय नहीं करती, लेकिन कुछ लोग मनमानी वसूली करते हैं। इसके बाद सदन में सपा सदस्यों ने वसूली करने वालों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की।

डिप्टी सीएम ने आशा वर्कर्स के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि सरकार के आने के बाद उनका मानदेय दोगुना कर दिया गया है। उनके रहने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मातृत्व अवकाश और दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं, चित्रकूट में मेडिकल कॉलेज बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां पहले 200-बेड का अस्पताल बनाया जा चुका है और जल्द ही मेडिकल कॉलेज भी शुरू होगा।

स्वास्थ्य जागरूकता पर बात करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि हार्ट अटैक और कैंसर के मामलों में वृद्धि हुई है। इसके लिए सरकार स्टेमी कार्यक्रम चला रही है, जिसमें 30 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं की जांच की जाती है और उन्हें उच्च स्तरीय केंद्रों में रेफर किया जाता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी दिनचर्या बदलें, अत्यधिक भोजन न लें, व्यायाम करें और प्राकृतिक खेती अपनाएं।

किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट के मामले में डिप्टी सीएम ने कहा कि इसका समय कमेटी तय करती है और सरकार की कोशिश है कि प्रक्रिया एक हफ्ते से कम समय में पूरी हो। पिछले पांच वर्षों में 832 किडनी और 37 लीवर ट्रांसप्लांट किए गए हैं।

सदन में डिप्टी सीएम और सपा सदस्यों के बीच तीखी बहस भी हुई। ब्रजेश पाठक ने कहा कि यदि विपक्ष राजनीतिक सवाल उठाएगा तो वे भी उसी अंदाज में जवाब देंगे। इस पर सपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और दोनों पक्षों में जुमलों के आदान-प्रदान के साथ सत्र का माहौल गरम रहा।