समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कड़े आरोप लगाते हुए कहा कि देश की मुद्रा की गिरती कीमत और भाजपा की राजनीतिक छवि के बीच सीधे तौर पर संबंध है। उनके अनुसार, पार्टी के नेताओं से जुड़े भ्रष्टाचार और विवाद लगातार सामने आने से भाजपा की साख कमजोर होती जा रही है, बावजूद इसके कोई बड़े इस्तीफे नहीं हो रहे हैं। यादव ने इसे भाजपा का “नैतिक दिवालियापन” बताया।

आर्थिक संकट और जनता की परेशानियां

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिक दोनों संकट में फंसे हैं। रुपया लगातार गिर रहा है, महंगाई बढ़ रही है, और रसोई गैस सिलेंडरों के लिए कई इलाकों में लंबी लाइनें लग रही हैं।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते देश को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई तैयारी नहीं की। देश की विदेश नीति पर विदेशी ताकतों का प्रभाव दिखाई दे रहा है। उनका कहना था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के बावजूद वैश्विक संकट में सरकार केवल तमाशाई बनी रही।

असर आम जनता पर

यादव ने चेताया कि इस “विनाशकारी लड़ाई” का असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। उनका मानना है कि सरकार की नीतियां देशवासियों को गुमराह कर रही हैं और इसे लेकर भाजपा को गंभीर रूप से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।