मुजफ्फरनगर: रमजान के पवित्र महीने का आखिरी पड़ाव यानी तीसरा अशर अब पूरी तरह शुरू हो चुका है। जैसे-जैसे ईद नजदीक आ रही है, मस्जिदों में इबादत और उत्साह दोनों बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को रमजान का अलविदा जुमा श्रद्धालुओं के साथ अकीदत और भक्ति भाव से मनाया जाएगा।

सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम
अलविदा जुमा को लेकर प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस बल तैनात किया है ताकि नमाज के दौरान शांति और व्यवस्था बनी रहे। विशेष सुरक्षा उपायों के तहत प्रशासन ने भीड़ नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।

ईद और जुमातुल-विधा की तारीख को लेकर दिलचस्प स्थिति
इस बार ईद की संभावित तारीख को लेकर मुस्लिम समाज में उत्सुकता है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रमजान का आखिरी शुक्रवार जुमातुल-विदा कहलाता है। हालांकि, चांद की स्थिति और तारीखों के अनुसार यदि ईद 30वें रोजे के बाद पड़ती है, तो तकनीकी रूप से रमजान में एक और शुक्रवार आ सकता है। परंपरा के अनुसार मुस्लिम समाज में आम तौर पर 20वें रोजे के बाद आने वाले शुक्रवार को ही अलविदा जुमा मानकर विशेष इबादत की जाती है।

मस्जिदों और बाजारों में तैयारियां
जामा मस्जिद सहित शहर की प्रमुख मस्जिदों में अलविदा जुमा के लिए साफ-सफाई और वजू की सुविधा के साथ विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस मौके पर उलमा रमजान की अहमियत, रोजे की फजीलत और जकात की महत्ता पर अपनी बातें साझा करेंगे।

साथ ही, बाजारों में भी ईद की खरीदारी की रौनक देखने को मिल रही है। कपड़ों, टोपियों और इत्र की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार देर रात तक व्यस्त और सज-धज कर रहने की उम्मीद है।