मुजफ्फरनगर: फुगाना थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर विजय सिंह की हत्या से जुड़े चर्चित मामले में मुख्य आरोपी ज्योति मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। अदालत ने उसकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। इससे पहले सेशन कोर्ट में उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। जिला अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की गई है।
यह मामला 22 मई 2014 का है, जब फुगाना थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में इंस्पेक्टर विजय सिंह का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। इस घटना के बाद उनकी पत्नी प्रभा देवी ने गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के भभया गांव निवासी ज्योति मिश्रा और उसके भाई प्रशांत मिश्रा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी ज्योति मिश्रा अदालत में पेश नहीं हो रहा था। इसके चलते कोर्ट की ओर से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। बाद में पुलिस ने वर्ष 2022 में उसे गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद बचाव पक्ष ने जमानत के लिए सेशन कोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद हाईकोर्ट में अपील की गई, जहां से जमानत मंजूर हो गई।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि ज्योति मिश्रा लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रहा है। मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसे अदालत में पेशी की तारीखों की जानकारी नहीं मिल पाई, जिसकी वजह से वह सुनवाई के दौरान हाजिर नहीं हो सका।
पुलिस के अनुसार, इंस्पेक्टर विजय सिंह की तैनाती पहले गोरखपुर में रही थी। इसी दौरान उनकी पहचान ज्योति मिश्रा और उसके भाई प्रशांत मिश्रा उर्फ टप्पू से हुई थी। आरोप है कि कारोबार के नाम पर प्रशांत ने इंस्पेक्टर से करीब पांच लाख रुपये ले लिए थे, लेकिन बाद में रकम वापस नहीं की। पैसे की मांग को लेकर विवाद बढ़ा और इसी के चलते हत्या की साजिश रची गई।
इस मामले में अदालत में जिरह 29 फरवरी 2016 से शुरू हुई थी, लेकिन लंबे समय तक आरोपी पक्ष के अनुपस्थित रहने के कारण सुनवाई प्रभावित होती रही। 18 अक्तूबर 2016 को अदालत ने आरोपी की संपत्ति कुर्क करने के आदेश भी दिए थे। बाद में 24 सितंबर 2018 को प्रशांत मिश्रा से संबंधित पत्रावली अलग कर दी गई थी। आरोपी के लगातार गैरहाजिर रहने पर पुलिस ने 2022 में ज्योति मिश्रा को गिरफ्तार किया था।