मुजफ्फरनगर पुलिस ने सिविल लाइन क्षेत्र में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए जिस गिरोह का खुलासा किया है, उसमें चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा की।
एसएसपी ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन शमीम उर्फ सोनू कर रहा था, जो इस अवैध कारोबार का मुख्य सरगना है। उसने अपने पिता मेहरदीन के पुराने अवैध हथियार निर्माण के धंधे को आगे बढ़ाते हुए इसे संगठित रूप दे दिया और इसका दायरा कई जिलों और राज्यों तक फैला दिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मुजफ्फरनगर में बने तमंचों को स्थानीय स्तर पर करीब चार हजार रुपये में बेचते थे, जबकि बाहर के जिलों और राज्यों में भेजे जाने पर इनकी कीमत कई गुना बढ़ जाती थी।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब सहित कई अन्य राज्यों में भी अवैध हथियारों की सप्लाई की जा रही थी। आशंका जताई जा रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में भी किया गया होगा।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था और पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहता था। इस बार भी आरोपी सिविल लाइन क्षेत्र के संधावली कट के पास एक बंद पड़ी फैक्ट्री में हथियार तैयार कर रहे थे।
सोमवार देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि खंडहरनुमा फैक्ट्री में अवैध हथियार निर्माण का काम चल रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो अंदर मौजूद बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में शमीम उर्फ सोनू और विशाल घायल हो गए, जबकि अदनान और मुर्सलीन को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया।
मौके से पुलिस ने 15 तैयार तमंचे, 2 पिस्टल, 4 अधबने तमंचे, कारतूस, हथियार बनाने के उपकरण और एक इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की है। साथ ही मिनी तमंचों के फ्रेम भी जब्त किए गए हैं।
एसएसपी ने बताया कि बरामद हथियारों और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ भी संपर्क साधा जा रहा है, ताकि सप्लाई चेन और इससे जुड़े सभी लोगों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अब तक यह गिरोह कितने हथियारों की सप्लाई कर चुका है और किन-किन आपराधिक तत्वों तक इनकी पहुंच रही है।
इस सफल कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थाना सिविल लाइन पुलिस टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।