भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में किसानों के धरने-प्रदर्शन में शामिल होने से पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही भाकियू कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष और आक्रोश का माहौल बन गया।

भुवनेश्वर में किसान आंदोलन 22 मार्च से विभिन्न मांगों को लेकर जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को बड़ी संख्या में किसान प्रदर्शन में शामिल होने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत को रोककर हिरासत में ले लिया गया।

भाकियू के जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने कहा कि यह कार्रवाई किसानों के आंदोलन को दबाने का प्रयास माना जा सकता है। उन्होंने बताया कि ओडिशा के किसान जल, जंगल और जमीन जैसे अहम मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। राठी ने यह भी कहा कि भाकियू का शीर्ष नेतृत्व स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब देशभर में किसान संगठनों की आवाज़ एक बार फिर चर्चा में है। भाकियू और अन्य किसान संगठन लंबे समय से किसानों की मांगों को लेकर सक्रिय हैं। राकेश टिकैत की गिरफ्तारी को कई लोग किसानों के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं, जिससे किसान संगठनों में असंतोष की भावना बढ़ गई है।