पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने टीएमसी में कथित अंदरूनी असंतोष को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों और हालिया राजनीतिक हालात ने टीएमसी की स्थिति कमजोर कर दी है और पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है।

डॉ. शर्मा के अनुसार, ममता बनर्जी के नेतृत्व पर जनता की नाराजगी अब पार्टी संगठन के भीतर भी दिखाई देने लगी है, जहां नेता धीरे-धीरे दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक शासन के दौरान हुई कथित अनियमितताओं और सख्त प्रशासनिक फैसलों का असर अब राजनीतिक स्तर पर दिख रहा है।

बैठकों में कम उपस्थिति से बढ़ी चर्चा

हाल ही में बुलाई गई एक अहम बैठक को लेकर भी टीएमसी के भीतर हलचल देखी गई। पार्टी के 41 सांसदों में से केवल कुछ ही बैठक में शामिल हुए, जिससे संगठनात्मक एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।

लोकसभा और राज्यसभा दोनों स्तरों पर अपेक्षाकृत कम उपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। विपक्षी खेमे में इसे नेतृत्व के प्रति असंतोष के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

दिल्ली बैठक और ईडी समन से बढ़ा दबाव

आगामी 8 जून को दिल्ली में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक प्रस्तावित है, जबकि उसी दिन ईडी द्वारा टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की भी खबर है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल किसी बड़े फैसले को लेकर जल्दबाजी नहीं की जा रही है और समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम चल रहा है।

पार्टी के भीतर कुछ नेताओं के असंतोष की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में टीएमसी की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं और तेज होने की संभावना है।