गर्मी की छुट्टियों के दौरान पहाड़ों की यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने 57 स्पेशल ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई है। इन ट्रेनों का संचालन मुख्य रूप से लखनऊ रूट से होगा और इसके लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है। अगले हफ्ते इसकी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। स्पेशल ट्रेनें उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए चलाई जाएंगी।
वेटिंग कम होने के बावजूद अभी भी यात्रियों को परेशानी
होली के दौरान दिल्ली और मुंबई के रूट पर ट्रेनों की भारी वेटिंग देखी गई थी, जो अब थोड़ी कम हुई है। अप्रैल महीने में लखनऊ से चलने वाली एसी एक्सप्रेस, लखनऊ मेल, वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में स्लीपर बोगियों से लेकर एसी में सीट उपलब्ध हो रही हैं।
हालांकि, लखनऊ-मुंबई रूट की पुष्पक, कुशीनगर, अवध और गोरखपुर एलटीटी ट्रेनों में अभी भी वेटिंग है। इसी तरह लखनऊ से देहरादून, ऋषिकेश, काठगोदाम के लिए चलने वाली ट्रेनों में भी सीटों की कमी बनी हुई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें
यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने बाघ एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस और काठगोदाम एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इसके अलावा लखनऊ से जम्मू और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए जाने वाली ट्रेनों में भी वेटिंग को कम करने के लिए यही योजना बनाई गई है।
रेलवे अधिकारी बताते हैं कि इन स्पेशल ट्रेनों में हर श्रेणी के यात्रियों का ध्यान रखा जाएगा। जनरल से लेकर स्लीपर, थर्ड, सेकेंड और फर्स्ट एसी तक की बोगियां उपलब्ध रहेंगी। अधिकारी का कहना है कि स्पेशल ट्रेनें चलने के बाद वेटिंग की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
रेगुलर ट्रेनों में भी बढ़ाई जाएंगी बोगियां
स्पेशल ट्रेनें चलाने के अलावा, रेलवे प्रशासन रेगुलर ट्रेनों में भी अतिरिक्त बोगियां लगाने का प्लान बना रहा है। योजना के अनुसार:
लखनऊ-जम्मू, देहरादून, गुवाहाटी, कोलकाता जाने वाली ट्रेनों में
जनरल की 8 अतिरिक्त बोगियां
स्लीपर की 42 बोगियां
थर्ड एसी की 16 बोगियां
फर्स्ट और सेकेंड एसी की 4-4 बोगियां
इससे यात्रियों को गर्मी की छुट्टियों में यात्रा के दौरान पर्याप्त सीटें मिलेंगी और वेटिंग की समस्या कम होगी।