उत्तर प्रदेश में 9 से 18 अक्टूबर तक प्रत्येक जिले में दिवाली से पहले स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के छोटे हस्तशिल्पियों, महिलाओं और लघु उद्यमियों को बड़ा मंच प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोरखपुर से इन मेलों का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। प्रत्येक जिले में आयोजित होने वाले मेलों का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और दिवाली के बाजार को चीनी उत्पादों से मुक्त करना है।
स्वदेशी मेलों का आयोजन 'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। मेले शहर के प्रमुख और व्यावसायिक दृष्टि से उपयुक्त स्थलों पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि आम जनता आसानी से पहुंच सके और सक्रिय रूप से भाग ले सके। प्रत्येक जिले के उपायुक्त और उद्योग नोडल अधिकारी मेलों की व्यवस्था देखेंगे और जिलाधिकारी से मार्गदर्शन लेंगे।
मेलों में उद्योग विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, सीएम युवा, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, पीएमईजीपी और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों सहित अन्य उत्पादकों को निशुल्क स्टॉल प्रदान किया गया है। मेले में उत्पादों और सेवाओं की खरीद के लिए जेम पोर्टल का उपयोग अनिवार्य होगा।
स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि ये मेलें दिवाली से पहले ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्थाओं में 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को एक जन आंदोलन के रूप में स्थापित करें और हस्तशिल्पियों व लघु उद्यमियों को कम से कम 1500 करोड़ रुपये का बाजार प्रदान करें।