जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद फारूक अब्दुल्ला पर विवाह समारोह के दौरान गोली चलाने के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी जांच तेज कर दी है। रविवार को टीम ने इस मामले के मुख्य आरोपित कमल सिंह जम्वाल से गंग्याल पुलिस थाने में लगभग दो घंटे तक गहन पूछताछ की।

आरोपित ने कहा – यह मेरा व्यक्तिगत फैसला था

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कमल सिंह जम्वाल अपने बयान पर अड़ा रहा। उसने बताया कि यह कदम उसने अपनी इच्छा से उठाया और इसमें किसी बाहरी व्यक्ति का दबाव या साजिश शामिल नहीं थी। उसने यह भी कहा कि लंबे समय से उसने फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।

एसआईटी के अधिकारी उसके बयान के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।

घटनास्थल का निरीक्षण और सीसीटीवी फुटेज की जांच

पूछताछ के बाद एसआईटी की टीम ग्रेटर कैलाश स्थित बैंक्वेंट हॉल पहुंची, जहां विवाह समारोह के दौरान यह घटना हुई थी। टीम ने मौके पर जाकर पूरी तरह से घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। अधिकारियों ने गोली चलने से एक घंटे पहले से लेकर घटना तक की रिकॉर्डिंग का अध्ययन किया ताकि स्पष्ट हो सके कि आरोपित समारोह में किस तरह पहुंचा और उसकी गतिविधियां क्या थीं।

SIT की जांच – तैयारी या अचानक निर्णय?

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कमल सिंह जम्वाल शादी समारोह में पहले से पूरी तैयारी करके आया था या किसी अचानक स्थिति में उसने यह कदम उठाया। जानकारी के अनुसार, वह अपने साथियों के साथ समारोह में शामिल हुआ था और उसके पास एक रिवाल्वर भी मौजूद था, जिससे गोली चली।

एसआईटी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जम्मू जोन के आईजीपी ने विशेष जांच टीम का गठन किया है। टीम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रहे हैं।