उत्तराखंड। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को श्यामपुर के गाजीवाली क्षेत्र (जिसे अब आर्यनगर कहा जाता है) में आयोजित मुख्य सेवक जन चौपाल में दोहराया कि क्षेत्र का नाम अब आधिकारिक रूप से आर्यनगर हो गया है। उन्होंने आयोजकों और प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह किया कि संबोधन और लिखित दस्तावेजों में नए नाम का ही उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि पहले कई वक्ताओं ने कार्यक्रम स्थल का नाम गाजीवाली कहा, लेकिन अब आर्यनगर ही सही है।

सीएम धामी ने कहा कि शासनादेश के अनुसार प्रशासनिक कार्यों में भी आर्यनगर नाम ही दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में किसी प्रकार की गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा जो संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों के खिलाफ हों। इसके तहत उन्होंने लैंड जिहाद, थूक जिहाद और नकल विरोधी कानून जैसे कदमों का जिक्र किया और कहा कि राज्य में आतंकवाद या चरमपंथियों की पहचान अब नहीं चलेगी।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यूसीसी के तहत लिव इन रिलेशन रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता पर भी चर्चा की। उन्होंने दिल्ली में हुई बेटी के साथ हुए अत्याचार का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से बचने और परिवार को जानकारी देने के लिए यूसीसी पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष अनुग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी निगाह उत्तराखंड पर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य जल्द ही देश में सबसे विकसित राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।