अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े एक मामले में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को अदालत से बड़ी राहत मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए रिहाई के आदेश जारी किए हैं।
अदालत ने निर्देश दिया है कि सुरेश राठौर को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा किया जाएगा।
अदालत में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि सुरेश राठौर के खिलाफ डालनवाला थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वकीलों ने तर्क दिया कि प्रारंभिक जांच के दौरान उन्हें नोटिस देकर पूछताछ में शामिल किया गया था और गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं थी।
कोर्ट का अवलोकन
सभी पक्षों की दलीलें और पुलिस रिकॉर्ड देखने के बाद अदालत ने पाया कि आरोपी जांच में सहयोग कर रहे थे और उन्हें पहले नोटिस भी जारी किया गया था।
इसके अलावा अदालत ने यह भी माना कि बाद में जोड़ी गई कुछ धाराएं जमानती प्रकृति की हैं।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुरेश राठौर की जमानत याचिका मंजूर कर दी और रिहाई के आदेश जारी किए।