डोईवाला (देहरादून)। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय में आठवां दीक्षा समारोह आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिस्सा लिया। दोनों ने युवाओं को देश के विकास का आधार बताते हुए शिक्षा को सेवा, संवेदनशीलता और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर 1001 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं और विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों को उजागर किया गया।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह समारोह केवल एक शैक्षणिक सफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत का अवसर है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी शिक्षा का इस्तेमाल समाज और मानवता के कल्याण के लिए करें। उन्होंने कहा कि आने वाले 25 वर्ष “अमृतकाल” के रूप में विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे, जिसमें युवा न केवल साक्षी बल्कि सक्रिय योगदानकर्ता भी होंगे।
नड्डा ने विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान शिक्षा, चिकित्सा और मानव सेवा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक स्थिरता, स्वास्थ्य योजनाओं, आयुष्मान भारत, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सुधार, टीबी-मलेरिया-डायरिया उन्मूलन और कैंसर की प्रारंभिक पहचान जैसी पहलों को भी रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी छात्रों को बधाई दी और कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वविद्यालय की शिक्षा, चिकित्सा और जनसेवा में विशिष्ट भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के सहयोग से राज्य में आयुष्मान भारत, टेलीमेडिसिन और पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है।
धामी ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड के तीसरे दशक” की अवधारणा के अनुसार राज्य में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने रिवर्स पलायन, जल-जंगल संरक्षण, दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, बिजली और इंटरनेट की पहुँच, पर्यटन, एसडीजी रैंकिंग, मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलावों का जिक्र किया।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और संवेदनशीलता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और अपने कार्यों में सेवा, मानवता और करुणा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाएँ।
राज्य के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन और संरचनात्मक दोनों स्तरों पर लगातार प्रगति कर रहा है और केंद्र सरकार का सहयोग निरंतर मिल रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्वास्थ्य सेवा में योगदान की भी प्रशंसा की।
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं मानते हुए इसे आत्मज्ञान, सशक्तिकरण और बदलाव का माध्यम बताया। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय का मुख्य लक्ष्य नैतिकता और मानव सेवा के जरिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है।