नई दिल्ली। दिल्ली में हुए हालिया बम ब्लास्ट के मामले में उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से कनेक्शन सामने आया है। शुक्रवार की रात एनआईए टीम ने हल्द्वानी और नैनीताल की मस्जिदों में कार्रवाई कर दो मौलवियों को हिरासत में लिया, जो दोनों रामपुर के रहने वाले हैं। जांच के लिए एनआईए की टीम पिछले तीन दिनों से रामपुर में सक्रिय है। हालांकि, रामपुर पुलिस ने मामले पर कोई जानकारी साझा नहीं की है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली विस्फोट में शामिल फिदायीन आतंकी डॉ. उमर नबी के मोबाइल फोन से कॉल डिटेल खंगालने के दौरान अहम सुराग मिले। इसके बाद एनआईए और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें टांडा, दढ़ियाल और शाहबाद इलाकों में संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी रख रही हैं।

हालांकि, रामपुर से अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। शुक्रवार को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में बिलाल मस्जिद के मौलवी मोहम्मद आसिम कासमी को हिरासत में लिया गया, जबकि नैनीताल मस्जिद के मौलाना नईम से पूछताछ की जा रही है। दोनों आरोपी दढ़ियाल, रामपुर के निवासी बताए जा रहे हैं।

मोहम्मद आसिम का परिवार मदरसे में पढ़ाने का काम करता है। उनके तीन भाई और पिता भी मदरसों में शिक्षा देते हैं। आसिम खुद हल्द्वानी में 15 वर्ष से रह रहे हैं और जनवरी 2025 में अपने घर दढ़ियाल आए थे। आसिम के पांच बच्चे हैं, और परिवार ने बताया कि उनके पिता समेत सभी भाई मदरसे में पढ़ाते हैं।

टांडा तहसील पहले भी संदिग्ध गतिविधियों के चलते चर्चा में रही है। मई 2025 में शहजाद नामक व्यक्ति को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, वहीं अगस्त 2021 में धर्मांतरण मामले में गुजरात पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया था। इस पृष्ठभूमि में मौलाना मोहम्मद आसिम की गिरफ्तारी ने प्रशासन की नजरें फिर से टांडा पर केंद्रित कर दी हैं।