बारामती में हुए विमान हादसे को लेकर महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले में पूरी और पारदर्शी जांच की मांग की है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हादसे को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष भी इस मामले में जांच का दबाव बना रहा है।

रोहित पवार की मांग पर फडणवीस की पहल
एनसीपी-एससी के विधायक रोहित पवार ने 4 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस हादसे की गंभीर और निष्पक्ष जांच कराने की अपील की थी। इसके बाद फडणवीस ने अमित शाह को लिखे पत्र में कहा कि इस दुर्घटना में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हुई थी, इसलिए जांच समयबद्ध और निष्पक्ष होनी चाहिए।

विमान ऑपरेटर और सुरक्षा रिकॉर्ड पर उठे सवाल
पत्र में बताया गया कि विमान ऑपरेटर एम/एस वीएसआर वेंचर्स का सुरक्षा रिकॉर्ड संदिग्ध है। 2023 में इसी ऑपरेटर से जुड़ा एक हादसा भी सामने आया था। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय एविएशन नियामकों की ओर से सुरक्षा संबंधी कुछ टिप्पणियां भी आई थीं, जिससे विमान संचालन और नियमों के पालन पर सवाल उठे हैं।

पायलट और फ्लाइट नियमों की जांच की मांग
हादसे में पायलट की नियुक्ति और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के नियमों के पालन पर भी सवाल उठाए गए हैं। बताया गया कि आखिरी समय में पायलट बदले गए थे और क्रू की रिपोर्टिंग प्रक्रिया व तैयारी की भी समीक्षा जरूरी है।

विमान की तकनीकी स्थिति और डेटा की जांच
फडणवीस ने पत्र में विमान की मेंटेनेंस हिस्ट्री, तकनीकी स्थिति, सुरक्षा सिस्टम और मरम्मत एजेंसियों की भूमिका की जांच की मांग की है। इसके अलावा एयर ट्रैफिक कंट्रोल रिकॉर्ड, फ्लाइट रडार डेटा, ट्रांसपोंडर सिग्नल और कॉकपिट रिकॉर्डिंग की भी समीक्षा करने की आवश्यकता जताई गई है।

लैंडिंग के फैसलों पर उठे सवाल
सवाल उठे हैं कि कम विजिबिलिटी के बावजूद लैंडिंग क्यों की गई, रनवे का चयन कैसे हुआ, गो-अराउंड का फैसला क्यों नहीं लिया गया और वैकल्पिक एयरपोर्ट का विकल्प क्यों अपनाया नहीं गया। पत्र में यह भी कहा गया कि नियामक एजेंसियों की निगरानी की प्रभावशीलता की भी जांच होनी चाहिए।

फडणवीस ने इस पत्र में जोर दिया कि हादसे की पूरी जांच पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।