ओमान के पास समुद्र में कंटेनर जहाज पर हमला, पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक कंटेनर जहाज पर हमले की खबर सामने आई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार यह घटना ओमान के तट से लगभग 15 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में हुई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एक गनबोट ने जहाज को निशाना बनाया।
अचानक हुई फायरिंग, ब्रिज को नुकसान
जहाज के कप्तान के मुताबिक, ईरानी गनबोट ने बिना किसी चेतावनी के अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में जहाज के ब्रिज, यानी नियंत्रण कक्ष वाले हिस्से को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह है कि जहाज में आग लगने या पर्यावरण को किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है और सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
UKMTO ने इस मार्ग से गुजरने वाले अन्य जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है।
हाल के दिनों में बढ़ा समुद्री तनाव
रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में समुद्री तनाव लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि 20 अप्रैल को ईरानी सेना ने अमेरिकी युद्धपोतों की दिशा में ड्रोन भेजे थे। ईरान का दावा है कि ओमान सागर में उसके एक व्यापारिक जहाज पर हमला हुआ था, जिसके जवाब में उसने यह कार्रवाई की।
वहीं IRGC का आरोप है कि अमेरिकी सेना ने उनके एक मर्चेंट शिप पर गोलीबारी की थी, हालांकि ईरानी प्रतिक्रिया के बाद अमेरिकी जहाजों को पीछे हटना पड़ा।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी टकराव
इसी बीच ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला करने की बात कही है। IRGC का कहना है कि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री घेराबंदी कर रखी है और इसे ईरान युद्धविराम के उल्लंघन के रूप में देख रहा है। ईरान के सैन्य मुख्यालय ने अमेरिका पर समुद्री डकैती जैसे आरोप भी लगाए हैं।
अमेरिका का अलग दावा
दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि अरब सागर में अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस स्प्रुएंस ने ईरानी जहाज ‘तूसका’ को रोका था, क्योंकि उसने समुद्री घेराबंदी से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया था।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के चलते क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.