दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान, अब सड़कों पर बढ़ेगी अफसरों की मौजूदगी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस ने एक नई और सख्त कार्ययोजना लागू की है। उपराज्यपाल (LG) के निर्देशों के बाद पुलिस आयुक्त द्वारा जारी इस सर्कुलर में सभी वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क पर पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाना और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जा सके।
नई गाइडलाइंस के प्रमुख प्रावधान
- अब जिला पुलिस और ट्रैफिक पुलिस सप्ताह में अतिरिक्त दो दिन संयुक्त रूप से पैदल गश्त (Joint Foot Patrolling) करेगी।
- शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहना अनिवार्य होगा, इस दौरान दफ्तर का काम या बैठकें नहीं की जाएंगी।
- सड़कों से अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और बाधाओं को हटाने के लिए सप्ताह में चार दिन विशेष अभियान चलाया जाएगा।
- अधिकारी स्थानीय आरडब्ल्यूए (RWA) और मार्केट एसोसिएशन के साथ सीधे संपर्क में रहकर मौके पर ही समस्याओं का समाधान करेंगे।
शाम की फील्ड ड्यूटी अनिवार्य
सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि शाम 5 से 8 बजे तक का समय पूरी तरह फील्ड ड्यूटी के लिए निर्धारित रहेगा। इस दौरान डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी सहित ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी सड़कों पर मौजूद रहेंगे। इसे औपचारिकता नहीं बल्कि अनिवार्य जिम्मेदारी माना जाएगा।
इस अवधि में किसी भी प्रकार की इनडोर मीटिंग, समीक्षा बैठक या कार्यालय कार्य की अनुमति नहीं होगी। फोकस पूरी तरह से जनता से संवाद और तत्काल समाधान पर रहेगा।
फुट पेट्रोलिंग में इन बिंदुओं पर रहेगा जोर
- व्यापारियों, स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए से सीधे संवाद कर समस्याओं को समझना
- सड़कों पर मौजूद अवैध कब्जों और रुकावटों को तुरंत हटाना
- ट्रैफिक जाम के कारणों की पहचान कर यातायात व्यवस्था सुधारना
- अवैध पार्किंग और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करना
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करना
- नगर निकायों के साथ समन्वय कर तत्काल समाधान सुनिश्चित करना
सख्त निगरानी और रिपोर्टिंग व्यवस्था
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए हर गश्त का विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिसमें अधिकारियों के नाम, कार्रवाई, अतिक्रमण हटाने की जानकारी और कानूनी कार्रवाई का विवरण शामिल होगा।
इसके अलावा, सभी अभियानों की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी अनिवार्य की गई है। हर जिले को प्रत्येक सोमवार अपनी साप्ताहिक अनुपालन रिपोर्ट स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर व ट्रैफिक) को सौंपनी होगी।
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