धामी कैबिनेट की बड़ी बैठक, चकबंदी और कई नीतिगत फैसलों को मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें कई नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों को मंजूरी दी गई। सबसे प्रमुख निर्णय प्रदेश में चकबंदी व्यवस्था को लेकर लिया गया, जिसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी को बढ़ावा दिया जाएगा।
चकबंदी और ग्रामीण विकास से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने तय किया कि प्रत्येक जिले में 10 गांवों में चकबंदी का लक्ष्य रखा जाएगा। इसके लिए 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य होगी और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। साथ ही आपत्तियों के निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा उत्तराखंड राज्य चकबंदी कर्मियों की सेवा नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई।
प्रशासनिक और सेवा नियमों में बदलाव
राजस्व परिषद में समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब चयन प्रक्रिया में केवल कंप्यूटर ज्ञान ही नहीं, बल्कि टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और विंडोज की जानकारी भी आवश्यक होगी।
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है। वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 2009 से कार्यरत 277 कर्मचारियों को “समान कार्य-समान वेतन” का लाभ देने का निर्णय लिया गया है।
लैब टेक्नीशियन संवर्ग के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर के पद सृजित होंगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण फैसले
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में 16 नए पदों को मंजूरी दी गई है। फॉरेंसिक साइंस विभाग में भी 15 पद सृजित किए जाएंगे।
अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत नई शैक्षिक नियमावली को मंजूरी दी गई, जिसमें मान्यता प्रक्रिया, नवीनीकरण और मान्यता समाप्त करने के नियम स्पष्ट किए गए हैं।
ऊर्जा और परियोजना नीति में बदलाव
लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन को मंजूरी देते हुए डेवलपर की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को समाप्त कर दिया गया है। अब परियोजनाओं के लिए प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और वन स्वीकृति मिलने के बाद समयसीमा तय की जाएगी।
UPCL, UJVNL और पिटकुल में निदेशक चयन नियमावली में संशोधन किया गया है, जिसके तहत अब बाहरी योग्य व्यक्तियों को भी निदेशक पद पर नियुक्त किया जा सकेगा।
अन्य निर्णय
होमस्टे नियमों में संशोधन करते हुए अब छह के बजाय आठ कमरों तक की अनुमति दी जाएगी, साथ ही संचालक को वहां रहना अनिवार्य होगा। नवीनीकरण प्रक्रिया भी अब स्वतः होगी। इसके अलावा पंचायत निर्माण अनुदान को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.