दून मेडिकल कॉलेज: रैगिंग में नौ सीनियर छात्रों पर सख्त कार्रवाई, दो पर भारी जुर्माना

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में एमबीबीएस के नौ सीनियर छात्रों को कॉलेज और हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। इनमें से दो छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस संबंध में प्राचार्य की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, एमबीबीएस 2025 बैच के दो छात्रों के साथ 12 जनवरी की रात 2023 और 2024 बैच के सीनियर छात्रों ने मिलकर रैगिंग की थी। इस मामले की शिकायत वार्डन ने 13 दिसंबर को दर्ज कराई थी। गंभीरता को देखते हुए 15 जनवरी को जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपी गई।
सोमवार को कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट कॉलेज प्रबंधन को सौंप दी। इसमें नौ सीनियर छात्रों को दोषी पाया गया। 2023 और 2024 बैच के दो छात्रों को दो महीने के लिए कॉलेज से निष्कासित किया गया है, साथ ही ये छात्र हॉस्टल और इंटर्नशिप से स्थायी रूप से बाहर कर दिए गए हैं। इनके अलावा इन दो छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
बाकी छात्रों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई। 2023 बैच के चार और 2024 बैच के तीन छात्रों को एक महीने के लिए कॉलेज से निकालकर तीन महीने के लिए हॉस्टल से बाहर किया गया है। इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
विश्वविद्यालय को रिपोर्ट लेने में हुई परेशानी
एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय ने दून मेडिकल कॉलेज से रैगिंग मामले में जवाब मांगा था। सोमवार दोपहर को एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट कॉलेज प्रबंधन को सौंप दी। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कई बार कॉलेज से संपर्क किया, लेकिन प्रारंभ में कोई जवाब नहीं मिला। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. आशीष उनियाल ने कहा कि रात 9 बजे तक भी उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली थी, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई।
प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए अलग हॉस्टल की तैयारी
कॉलेज प्राचार्य ने सोमवार को सभी हॉस्टलों का निरीक्षण किया और वार्डनों के साथ बैठक में भविष्य में रैगिंग रोकने की रणनीति पर चर्चा की। इसमें प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए अलग हॉस्टल बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए नए हॉस्टल परिसर में अलग जगह चिह्नित की जा सकती है।
प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने कहा, “रैगिंग के मामले में नौ छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दो छात्रों पर विशेष जुर्माना लगाया गया है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।”
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