ग्लेशियर पिघलने से धौली नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट पर

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने का असर अब नदियों पर भी दिखने लगा है। इसके चलते धौली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ज्योतिर्मठ से करीब 40 किलोमीटर दूर तमक गांव के पास मलबा जमा होने की वजह से नदी में अस्थायी झील जैसी स्थिति बन गई है, हालांकि पानी का रिसाव लगातार जारी है।
मलबे के कारण बना अवरोध
जानकारी के अनुसार, बीते वर्ष हुए भूस्खलन के बाद यहां भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया था, जिससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हुआ। वर्तमान में ग्लेशियरों के पिघलने से पानी का दबाव बढ़ने पर यह क्षेत्र अस्थायी जलभराव का कारण बन गया है।
प्रशासन ने बताया स्थिति नियंत्रण में
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि मलबे के कारण पानी का कुछ हिस्सा रुक रहा है, लेकिन किसी बड़े खतरे जैसी स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि मंगलवार से जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि नदी का प्रवाह सामान्य बना रहे।
लगातार निगरानी जारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पानी का रिसाव लगातार हो रहा है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग, खनन विभाग और अन्य एजेंसियां मौके पर तैनात हैं। सभी विभाग मिलकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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