आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: उत्तराखंड में विकास की रफ्तार तेज, गरीबी घटकर 6.92%

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण जारी कर राज्य की आर्थिक प्रगति का ब्यौरा पेश किया। यह जानकारी प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने सचिवालय मीडिया सेंटर में पत्रकारवार्ता के दौरान दी।
जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में उछाल
सर्वेक्षण के अनुसार, 2022 के मुकाबले राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। 2022 में जीएसडीपी 2.54 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 3.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। इसी अवधि में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1.94 लाख रुपये से बढ़कर 2.73 लाख रुपये हो गई है।
गरीबी में कमी और रोजगार के अवसर
गरीबी सूचकांक में भी गिरावट दर्ज की गई है। 2022 में यह 9.7% था, जो अब 6.92% पर आ गया है। एमएसएमई क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2022 में राज्य में करीब 59,000 उद्योग थे, जो अब बढ़कर 79,000 से अधिक हो गए हैं, जिससे लगभग 4.5 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
बड़े उद्योगों की संख्या 107 से बढ़कर 128 हो गई है। स्टार्टअप की संख्या भी लगातार बढ़ी है। 2017 में स्टार्टअप शून्य थे, 2022 में 702 रजिस्टर्ड हुए और अब संख्या 1,750 तक पहुंच गई है।
अवसंरचना और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार
राज्य में पिछले चार वर्षों में 885 किलोमीटर लंबी सड़कें बनी हैं। सौर ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। 2022 में सोलर पावर से 439 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था, जो अब बढ़कर 1,027 मेगावाट हो गया है।
कृषि और उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोतरी
चावल, दूध और मछली उत्पादन में भी वृद्धि देखी गई है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य की जीएसडीपी में सबसे अधिक योगदान मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर (26.02%) का है।
प्रमुख सचिव ने इस अवसर पर कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिक विकास दर और उद्योगों की संख्या में सुधार से उत्तराखंड में स्थिर आर्थिक और सामाजिक विकास सुनिश्चित हुआ है।
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