चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में उथल-पुथल, प्रियंका गांधी ने संभाली कमान

HIGHLIGHTS
- पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले गुटबाजी और अंदरूनी कलह तेज हो गई है, जिससे हाईकमान की चिंता बढ़ गई है।
- प्रियंका गांधी ने स्थिति संभालने के लिए वरिष्ठ नेताओं को चंडीगढ़ भेजा, जो नाराज नेताओं से बातचीत कर रहे हैं।
- चन्नी गुट की मांगें बरकरार हैं, जबकि हाईकमान एकजुटता और टिकट वितरण में सख्ती की रणनीति पर काम कर रहा है।
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी में संभावित टूट और गुटबाजी को लेकर हाईकमान सतर्क हो गया है। राहुल गांधी के विदेश दौरे पर रहने के कारण अब प्रियंका गांधी ने हालात संभालने की पहल करते हुए दिल्ली से दो वरिष्ठ नेताओं को चंडीगढ़ भेजा है।
नाराज नेताओं से वन-टू-वन बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, चंडीगढ़ पहुंचे वरिष्ठ नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खेमे के नाराज नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर स्थिति को शांत रखने की अपील की। साथ ही चन्नी से भी फोन पर बातचीत कर उनसे राहुल गांधी की वापसी तक कोई बड़ा राजनीतिक फैसला न लेने का आग्रह किया गया है।
चन्नी समर्थकों की मांग बरकरार
हालांकि हाईकमान की कोशिशों के बावजूद चन्नी समर्थक अपने रुख पर कायम हैं। उनका कहना है कि वे मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करते और चन्नी को या तो सीएम फेस घोषित किया जाए या प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए।
हाईकमान की नजर, भाजपा भी सक्रिय
पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह की टूट को रोकने में जुटा है, क्योंकि इसे विरोधियों के लिए मौका देने के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, भाजपा भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं से संपर्क साधने की कोशिशों में लगी हुई है।
रथयात्रा से चुनावी तैयारी की रणनीति
कांग्रेस हाईकमान पंजाब में एक बड़ी रथयात्रा निकालने की तैयारी कर रहा है, जिसकी शुरुआत राहुल गांधी के नेतृत्व में हो सकती है। इस यात्रा का उद्देश्य सभी वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाकर चुनावी अभियान की शुरुआत करना बताया जा रहा है।
गुटबाजी पर राहुल की चेतावनी का असर नहीं
इससे पहले राहुल गांधी ने बरनाला रैली में पार्टी नेताओं को गुटबाजी से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ महीनों में ही पंजाब कांग्रेस में फिर से असंतोष उभर आया है।
टिकट वितरण पर सख्ती के संकेत
प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने साफ किया है कि इस बार टिकट वितरण पूरी तरह हाईकमान के हाथ में होगा और केवल जीतने योग्य उम्मीदवारों को ही मौका दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि पिछली बार हारने वाले कई नेताओं के टिकट कट सकते हैं, जबकि नए और युवा चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.