पंजाब में राष्ट्रपति शासन की आशंका, कांग्रेस सांसद रंधावा का बड़ा दावा

चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दावा किया है कि राज्य की मौजूदा सरकार संकट के दौर से गुजर रही है और आने वाले समय में यहां राष्ट्रपति शासन तक लगाया जा सकता है।
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान रंधावा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के कई विधायक कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संपर्क में हैं और सही समय का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में अंदरूनी असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
कांग्रेस विधायकों के दलबदल के दावों का खंडन
रंधावा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के किसी भी सांसद या विधायक के भाजपा में जाने की बात पूरी तरह अफवाह है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत चार सांसदों के भाजपा संपर्क में होने की खबरें भी गलत थीं। उनके अनुसार कांग्रेस एकजुट है और कोई भी जनप्रतिनिधि पार्टी छोड़ने वाला नहीं है।
AAP पर निशाना
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी में राजनीतिक उथल-पुथल चल रही है और कई नेता पहले दूसरी पार्टियों से जुड़े रहे हैं। रंधावा ने कहा कि ऐसे लोग आज सरकार में अहम पदों पर बैठे हैं, जिससे पार्टी की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
“गद्दारों” वाले बयान पर प्रतिक्रिया
AAP नेताओं को लेकर दिए गए “गद्दार” शब्द पर प्रतिक्रिया देते हुए रंधावा ने कहा कि राजनीति में कई नेताओं ने समय-समय पर पार्टियां बदली हैं, लेकिन अब वही लोग एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं को भाजपा में जाने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि पहले जो नेता भाजपा में गए थे उनकी राजनीतिक स्थिति अब सबके सामने है।
कानून व्यवस्था पर सवाल
रंधावा ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव पर भी निशाना साधते हुए राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा तस्करी, गैंगस्टर गतिविधियां और असामाजिक तत्वों की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं। हाल की रेल ट्रैक घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
विधानसभा सत्र पर टिप्पणी
पंजाब विधानसभा सत्र को लेकर रंधावा ने कहा कि इसे मजदूरों के हितों की चर्चा के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
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