उत्तराखंड में बागवानी का रकबा 1.58 लाख हेक्टेयर, उत्पादन 10 लाख टन पार: शिवराज

मसूरी। केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि उत्तराखंड में बागवानी क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और उत्पादन के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। रविवार को मसूरी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार राज्य में करीब 1.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलें उगाई जा रही हैं, जबकि कुल उत्पादन 10.33 लाख मीट्रिक टन से अधिक पहुंच चुका है।
उन्होंने बताया कि फलों का उत्पादन लगभग 3.60 लाख मीट्रिक टन और सब्जियों का उत्पादन करीब 5.94 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया है। पहाड़ी राज्य के लिहाज से यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मसालों और फूलों की खेती में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता उत्तराखंड को उच्च मूल्य वाली फसलों, प्राकृतिक खेती, शहद उत्पादन और निर्यात आधारित बागवानी का केंद्र बनाना है। इसके लिए किसानों को नई तकनीक, प्रसंस्करण सुविधाएं, भंडारण व्यवस्था और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
देश स्तर पर भी वृद्धि का दावा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 के अंतिम अनुमान के अनुसार देश में कुल बागवानी उत्पादन लगभग 3707 लाख टन से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 4.5 प्रतिशत ज्यादा है। बागवानी क्षेत्रफल भी बढ़कर लगभग 301 लाख हेक्टेयर हो गया है।
फल और सब्जियों में उछाल
फलों का उत्पादन 2024-25 में बढ़कर लगभग 1176 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है। केले और आम की पैदावार में उल्लेखनीय हिस्सेदारी रही। वहीं सब्जियों का उत्पादन भी 2177 लाख टन के आसपास रहने का अनुमान है, जिसमें प्याज, आलू, हरी मिर्च और फूलगोभी जैसी फसलों का योगदान अहम है।
मसाले, फूल और औषधीय फसलें
मसालों का उत्पादन भी बढ़कर करीब 129 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। लहसुन, अदरक, जीरा और हल्दी की पैदावार में वृद्धि दर्ज की गई है। फूलों और सुगंधित फसलों के क्षेत्र और उत्पादन में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है, जिससे किसानों को बेहतर आमदनी की संभावना बढ़ी है।
हालांकि बागान फसलों के उत्पादन पर मौसम का असर पड़ा है, फिर भी क्षेत्रफल में वृद्धि देखी गई है और आने वाले वर्ष में उत्पादन में सुधार की उम्मीद जताई गई है।
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