खान सर आज नहीं करेंगे सरेंडर, वकील बोले- एफआईआर पूरी तरह गलत

पटना में दर्ज एफआईआर के बाद चर्चाओं के केंद्र में आए शिक्षक फैजल खान, जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है, ने फिलहाल आत्मसमर्पण नहीं करने का फैसला किया है। शनिवार को उनके वकील पटना सिविल कोर्ट पहुंचे और स्पष्ट किया कि खान सर सरेंडर नहीं करेंगे, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख करेंगे।
वकील का कहना है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी तथ्यों पर आधारित नहीं है और उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि खान सर का कथित फायरिंग घटना से कोई संबंध नहीं है और उन्हें गलत तरीके से मामले में शामिल किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, बचाव पक्ष ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी की थी, लेकिन न्यायालय का समय समाप्त हो जाने के कारण आवेदन प्रस्तुत नहीं किया जा सका। अब सोमवार को जमानत याचिका दायर किए जाने की संभावना है।
इधर, सोशल मीडिया पर खान सर के आत्मसमर्पण की खबरें तेजी से फैलने लगीं, जिसके बाद कोर्ट परिसर और आसपास पुलिस की गतिविधियां भी बढ़ गईं। हालांकि दिनभर चली अटकलों के बीच खान सर खुद अदालत नहीं पहुंचे और उनकी ओर से केवल वकील ने पक्ष रखा।
इससे पहले शुक्रवार रात से उनके कोचिंग संस्थान के आसपास छात्रों की भीड़ जुटने लगी थी। कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। देर रात तक स्थिति सामान्य होने के बावजूद न तो गिरफ्तारी हुई और न ही आत्मसमर्पण की कोई प्रक्रिया पूरी हो सकी।
शनिवार सुबह कुछ छात्रों को यह संदेश भी मिला कि खान सर निर्धारित समय पर क्लास लेंगे। हालांकि बाद में ऐसा नहीं हुआ और उनकी ओर से केवल कानूनी प्रतिनिधि ही सामने आए।
मामला उस कथित फायरिंग घटना से जुड़ा है, जिसमें दो सुरक्षा गार्डों पर हथियार चलाने का आरोप है। शिकायत में दावा किया गया है कि घटना के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की गई। जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों के बयानों को भी पुलिस रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। हालांकि इन आरोपों की सत्यता की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी व्यक्ति ने फायरिंग के लिए निर्देश दिया था, तो उस पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है। हालांकि किसी भी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण केवल जांच और अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा।
फिलहाल पूरे मामले में सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि खान सर अग्रिम जमानत के लिए कब आवेदन करते हैं और पुलिस आगे क्या कदम उठाती है।
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