RJD के 30 साल पूरे, लालू यादव बोले- सामाजिक न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी

HIGHLIGHTS
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने 5 जुलाई को अपना 30वां स्थापना दिवस मनाया, इस मौके पर लालू प्रसाद यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के नाम संदेश जारी किया।
- लालू यादव ने RJD के तीन दशक के सफर को सामाजिक न्याय, संघर्ष और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बताया और कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना की।
- अपने संदेश में उन्होंने मौजूदा राजनीतिक हालात पर चिंता जताते हुए कार्यकर्ताओं से सामाजिक न्याय की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) आज अपना 30वां स्थापना दिवस मना रहा है। 5 जुलाई 1997 को स्थापित इस पार्टी ने तीन दशक का सफर पूरा कर लिया है। इस अवसर को पार्टी के संस्थापक लालू प्रसाद यादव ने खास बताते हुए बिहार की जनता और कार्यकर्ताओं के नाम विस्तृत संदेश जारी किया। उन्होंने पार्टी के इतिहास, संघर्ष और भविष्य की दिशा पर विचार साझा किए।
लालू यादव ने अपने संदेश में RJD के तीन दशक के सफर को सामाजिक न्याय, संघर्ष और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बताया। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों को स्थापना दिवस की बधाई दी और पार्टी के योगदान को याद किया।
“गरीबों और वंचितों की आवाज बनी RJD”
लालू यादव ने कहा कि 1997 में पार्टी का गठन बिहार और देश की राजनीति में बदलाव लाने के उद्देश्य से किया गया था, ताकि गरीब, शोषित और पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार मिल सके। उन्होंने इसे किसी साधारण राजनीतिक शुरुआत के बजाय सामाजिक बदलाव की एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
उन्होंने कहा कि RJD के कार्यकर्ताओं ने अपने समर्पण और मेहनत से पार्टी को मजबूती दी है और आज भी यही ऊर्जा संगठन की ताकत है।
विकास और विचारधारा पर जोर
अपने संदेश में लालू यादव ने कहा कि पार्टी की राजनीति हमेशा सामाजिक और आर्थिक असमानता के खिलाफ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि RJD का विकास मॉडल केवल भौतिक संरचनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है।
उन्होंने लोहिया, जेपी, कर्पूरी ठाकुर और डॉ. अंबेडकर के विचारों को अपनी राजनीतिक प्रेरणा बताते हुए कहा कि पार्टी इन मूल्यों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजनीतिक चुनौतियों पर टिप्पणी
लालू यादव ने अपने संदेश में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और राजनीतिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है, जिससे सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दे प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और कमजोर तबकों के मुद्दों को भटकाया जा रहा है और विकास की असमानता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
कार्यकर्ताओं से आह्वान
RJD प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी को सिर्फ चुनावी संगठन नहीं, बल्कि जनता की आवाज बनकर संसद और सड़क दोनों स्तरों पर सक्रिय रहना होगा।
उन्होंने अंत में कहा कि मौजूदा समय में चुनौतियों के बावजूद RJD ही वह पार्टी है जो जरूरतमंदों और वंचितों की उम्मीदों को पूरा करने की क्षमता रखती है।
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