चीन की सेना में 8 साल बाद बड़े बदलाव, भ्रष्टाचार रोकने और ताकत बढ़ाने पर जोर

चीन ने अपनी सेना में आठ साल बाद पांच अहम बदलाव लागू किए हैं। ये सुधार ऐसे समय में किए गए हैं, जब पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। सरकारी बयान के मुताबिक, इन बदलावों का उद्देश्य सेना को और अधिक सक्षम, अनुशासित और संसाधन-कुशल बनाना है।
बदलावों का मकसद और विवरण:
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नकली युद्ध और झूठी रिपोर्टिंग पर रोक: अब चीन की सेना वास्तविक स्थिति के आधार पर ही अपनी ताकत और हथियारों का विवरण पेश करेगी। नकली युद्ध या झूठे आंकड़ों के जरिए सेना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना बंद होगा।
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राजनीतिक टिप्पणी पर प्रतिबंध: किसी भी अधिकारी को सेना के भीतर राजनीतिक टिप्पणी करने की अनुमति नहीं होगी। उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
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अनधिकृत भोजन और शराब पर नियंत्रण: अधिकारियों को बिना अनुमति अधिक शराब पीने या अनधिकृत भोजन करने की मनाही रहेगी। भ्रष्टाचार और गलत फैसलों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
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वफादार और टिकाऊ नियुक्तियां: भविष्य में केवल ऐसे अधिकारी नियुक्त होंगे जो वफादार हों और जिनकी नियुक्ति लागत और संसाधन की दृष्टि से प्रभावी हो।
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अधिकारी खर्च और अत्याचार पर नियंत्रण: वरिष्ठ अधिकारी अब अपने मनोरंजन या व्यक्तिगत खर्च पर ज्यादा बजट खर्च नहीं कर पाएंगे। बजट और संसाधन प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पृष्ठभूमि:
स्टॉकहोम इंटरनेशनल के अनुसार, 2024 में वैश्विक हथियार बाजार में चीन अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका। भ्रष्टाचार और आंतरिक अनुशासनहीनता के कारण चीन की कंपनियों ने अपेक्षित हथियार निर्यात नहीं कर पाए, जिससे राजस्व को नुकसान हुआ। हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोप में सेना के एक वरिष्ठ अफसर को भी पद से हटाया गया था।
ये बदलाव पिछले बड़े सुधार (2017) के आठ साल बाद लागू किए गए हैं, जब लगभग 3 लाख सैनिकों को सेवा से हटाया गया था। इस बार किन अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी नहीं आई है।
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