जमुई में बड़ा रेल हादसा: मालगाड़ी के 17 डिब्बे डिरेल, 13 घंटे से परिचालन ठप

जमुई जिले के जसीडीह–झाझा रेलखंड पर शनिवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा हो गया। रात करीब 11:40 बजे आसनसोल की ओर से झाझा जा रही अपलाइन मालगाड़ी टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल के समीप पटरी से उतर गई। इस दुर्घटना में मालगाड़ी के कुल 17 वैगन डिरेल हो गए। इनमें से 10 डिब्बे पुल पर ही पलट गए, जबकि तीन डिब्बे सीधे बरुआ नदी में जा गिरे। बाकी डिब्बे ट्रैक और आसपास के इलाके में फैल गए, जिससे रेलखंड पूरी तरह जाम हो गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे से लगभग आधा घंटा पहले इसी ट्रैक से गोरखपुर से कोलकाता जा रही पूर्वांचल एक्सप्रेस गुजर चुकी थी। मालगाड़ी के डिरेल होते ही तेज धमाके जैसी आवाज आई और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय पुल पर कोई यात्री ट्रेन मौजूद नहीं थी, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
हादसे के बाद जसीडीह–किऊल रेलखंड पर अप और डाउन दोनों लाइनों पर परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। बीते 13 घंटे से अधिक समय से इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित है। जसीडीह, सिमुलतला समेत आसपास के स्टेशनों पर कई यात्री और मालगाड़ियों को रोक दिया गया। पटना–हावड़ा का मुख्य रेल मार्ग प्रभावित होने से हावड़ा–पटना और हावड़ा–मुजफ्फरपुर सेक्शन पर भी ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है।
परिचालन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट किया है। मुजफ्फरपुर से हावड़ा जाने वाली 13020 बाघ एक्सप्रेस को कई स्टेशनों पर रद्द कर दिया गया, जबकि इसे बरौनी से ही दूसरे मार्ग पर भेजा गया। वहीं हावड़ा से मुजफ्फरपुर आने वाली 13019 बाघ एक्सप्रेस को अंडाल से किऊल के बीच निरस्त कर दिया गया। इसके चलते चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह के यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। खासकर जसीडीह स्टेशन पर उत्तर बिहार जाने वाले सैकड़ों यात्री पूरी रात फंसे रहे। इसके अलावा पटना–देवघर पैसेंजर ट्रेन को भी पूरी तरह रद्द कर दिया गया।
कई लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। पटना–हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस को गया होकर आसनसोल भेजा गया। पंजाब मेल को बांका–किऊल मार्ग से पटना होते हुए संचालित किया गया। हावड़ा–राजेंद्र नगर एक्सप्रेस को मधुपुर से डायवर्ट कर दिया गया और जसीडीह से पटना साहिब के बीच रद्द रखा गया। साउथ बिहार एक्सप्रेस को भी बदले हुए रूट से चलाया जा रहा है। वहीं धनबाद–पटना एक्सप्रेस गया के रास्ते पटना पहुंची, जबकि मधुपुर से राजेंद्र नगर टर्मिनल तक इसे रद्द कर दिया गया। पाटलिपुत्रा, टाटा–बक्सर और अकालतख्त एक्सप्रेस समेत कई अन्य ट्रेनों के मार्ग भी बदले गए हैं।
आसनसोल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी विपुला बौरी ने बताया कि मालगाड़ी के डिरेल होने की सूचना मिलते ही राहत और बहाली के लिए विशेष टीमों को मौके पर भेजा गया। सभी संबंधित विभागों के कर्मचारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और युद्धस्तर पर बहाली का काम जारी है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों को हटाने और ट्रैक दुरुस्त करने में 10 से 12 घंटे का समय लग सकता है। इसके बाद ही रेल परिचालन सामान्य होने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन यात्रियों को लगातार सूचना दे रहा है और वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस हादसे ने एक बार फिर रेल सुरक्षा और पटरियों की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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