मुरादाबाद में MDA की बड़ी कार्रवाई, 13 कोचिंग सेंटर और 3 अस्पताल सील

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर में 13 कोचिंग सेंटर और 3 अस्पतालों को सील कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद कोचिंग और अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया, कई संचालक तो मौके पर ताले लगाकर फरार हो गए।
मानकों की अनदेखी और दस्तावेज न मिलने पर कार्रवाई
एमडीए की यह कार्रवाई उन संस्थानों पर की गई है जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे थे या निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। वहीं कई अस्पताल बिना स्वीकृत नक्शे और अवैध रूप से संचालित पाए गए।
इससे पहले लखनऊ में हुई घटना के बाद प्रशासन ने कोचिंग, होटल और लॉन संचालकों के साथ एक बैठक भी की थी, जिसमें बेसमेंट में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था।
बेसमेंट संचालन को बताया गया खतरनाक
बैठक में स्पष्ट किया गया था कि बेसमेंट में अस्पताल, रेस्टोरेंट या कोचिंग सेंटर का संचालन गंभीर हादसों का कारण बन सकता है। इसी के चलते बिना स्वीकृत नक्शे और नियमों के विपरीत चल रहे संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
इसके बाद एमडीए की प्रवर्तन टीम ने बुधवार को विशेष अभियान चलाकर शहर में अवैध निर्माण और अनधिकृत संचालन के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की।
13 कोचिंग सेंटर और 3 अस्पताल सील
जांच के दौरान 13 कोचिंग सेंटरों को सील किया गया, जिनमें कई प्रमुख संस्थान शामिल हैं। इनमें स्कॉलर्स डेन, फिजिक्स वाला (कांठ रोड), जेनेसिस कोचिंग, हॉवर्ड इंटरनेशनल, वंडर लाइब्रेरी, रमा लाइब्रेरी, सचिन लाइब्रेरी, प्रियांश प्रतियोगिता एकेडमी, नमो स्टडीज और अनएकेडमी सेंटर शामिल हैं।
इसके अलावा गुरहट्टी चौराहा और गोकुलदास क्षेत्र में संचालित कुछ अन्य कोचिंग सेंटर भी सील किए गए हैं।
तीन अस्पतालों पर भी गिरी गाज
एमडीए ने तीन अस्पतालों को भी सील किया है, जिनमें दीपा ट्रॉमा सेंटर, पाकबड़ा स्थित अल्फा हॉस्पिटल और क्योर हॉस्पिटल शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, दीपा ट्रॉमा सेंटर स्वीकृत नक्शे के विपरीत चल रहा था, जबकि अल्फा और क्योर हॉस्पिटल बिना अनुमति के संचालित किए जा रहे थे।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
प्राधिकरण के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों द्वारा न तो स्वीकृत नक्शा दिखाया गया और न ही आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इन्हीं आधारों पर उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27 के तहत कार्रवाई की गई।
एमडीए अधिकारियों का कहना है कि आगे भी अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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