रूस का यूक्रेन पर बड़ा हमला, 524 ड्रोन और 22 मिसाइलें दागीं

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बड़े और तेज़ हमलों के दौर में पहुंच गया है। ताज़ा घटनाक्रम में रूसी सेना ने यूक्रेन के आठ क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए रातभर ड्रोन और मिसाइलों की भारी बौछार की है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने जानकारी दी कि इस हमले में रूस ने कुल 524 ड्रोन और 22 क्रूज व बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन हमलों में 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा नुकसान मध्य यूक्रेन के निप्रो शहर और आसपास के क्षेत्रों में हुआ बताया जा रहा है।
लगातार बढ़ता हवाई संघर्ष
पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच हवाई हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ी है। इससे पहले भी रूस ने कीव में एक आवासीय इमारत पर हमला किया था, जिसमें कई लोगों की जान गई थी। वहीं, यूक्रेन भी रूस के भीतर तेल ठिकानों और रणनीतिक ढांचों को निशाना बना रहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, हाल ही में यूक्रेन ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें मॉस्को क्षेत्र के पास भी नुकसान की खबरें आईं। रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उन्होंने एक ही दिन में 1,000 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन नष्ट या जाम कर दिए।
हथियार तकनीक में नई प्रगति
इस बीच यूक्रेन ने अपनी सैन्य क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देश ने अपना पहला स्वदेशी ग्लाइड बम विकसित किया है, जिसमें 250 किलोग्राम का वारहेड लगाया गया है। यह हथियार लंबी दूरी तक जाकर दुश्मन के बंकरों और कमांड सेंटरों को निशाना बनाने में सक्षम बताया जा रहा है।
कूटनीतिक प्रयास और तनाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध रोकने की कोशिशें अब तक सफल नहीं हो पाई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों से संघर्षविराम की अपील की थी, लेकिन जमीनी हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा है।
इसी बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के नेता शी जिनपिंग की आगामी मुलाकात से पहले कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी दौरान काला सागर क्षेत्र में एक रूसी ड्रोन द्वारा एक जहाज को निशाना बनाए जाने की भी खबर सामने आई है, जिसे चीन से जुड़ा बताया जा रहा है।
स्थिति अभी भी तनावपूर्ण
दोनों पक्षों की ओर से लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई के चलते युद्ध क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। हवाई रक्षा प्रणालियों पर दबाव बढ़ रहा है और संघर्ष के और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
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