सज्जनगढ़ लॉयन सफारी: शेरनी 'सुनयना' शेल्टर नहीं लौटी, ड्रोन से तलाश जारी

उदयपुर। सज्जनगढ़ अभयारण्य में प्रस्तावित लॉयन सफारी के उद्घाटन से पहले वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। सफारी क्षेत्र में छोड़ी गई शेरनी सुनयना पिछले चार दिनों से अपने नाइट शेल्टर में नहीं लौट पाई है। वन विभाग का कहना है कि शेरनी अभी भी सफारी क्षेत्र के भीतर ही है, लेकिन शेल्टर तक न पहुंचने और फेंसिंग के बाहर लगातार इंसानी गतिविधियों के कारण टीम पूरी तरह अलर्ट है।
वन विभाग की टीम लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्र में लगातार खोज अभियान चला रही है। नर शेर सम्राट निर्धारित समय पर शेल्टर लौट चुका है, जिससे शेरनी के व्यवहार को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। सफारी क्षेत्र के चारों ओर लोहे की फेंसिंग और चारदीवारी होने के बावजूद बाहर लोगों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे किसी भी अप्रत्याशित घटना की आशंका बनी हुई है। हालांकि शेरनी को समय-समय पर झाड़ियों में देखा गया है, लेकिन वह अभी तक शेल्टर तक नहीं आई है।
जंगल में रास आया शेरनी को
वाइल्ड लाइफ विंग, उदयपुर के उप वन संरक्षक यादवेंद्र सिंह चुंडावत ने बताया कि लॉयन सफारी के उद्घाटन को देखते हुए अगले माह शेरों के जोड़े को खुले बाड़े में अभ्यास के लिए छोड़ा गया था। नर शेर नियमित रूप से शेल्टर लौट रहा है, जबकि शेरनी जंगल में रहना पसंद कर रही है। सफारी क्षेत्र में घास और झाड़ियां अधिक होने की वजह से वह बार-बार छिप जाती है। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि कुछ दिन में शेरनी अपने खाने-पीने और शेल्टर का रास्ता समझ लेगी।
ड्रोन और ढोल के साथ निगरानी
शेरनी की खोज और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने विशेष रणनीति अपनाई है। सफारी क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों और क्लाउड-9 के कमरों की छतों से वनकर्मी निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है और ढोल की आवाज बजाकर शेरनी को शेल्टर की ओर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
गुजरात से लाया गया शेरों का जोड़ा
लॉयन सफारी के लिए शेरों को गुजरात के जूनागढ़ स्थित सक्करबाग चिड़ियाघर से एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत लाया गया है। नर शेर सम्राट 7 वर्ष के हैं, जबकि शेरनी सुनयना की उम्र 3 वर्ष है। दोनों को सोमवार को होल्डिंग एरिया से खुले बाड़े में छोड़ा गया था।
सज्जनगढ़ अभयारण्य शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है। 20 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस सफारी के चारों ओर लोहे की फेंसिंग और चारदीवारी बनाई गई है। फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता शेरनी को सुरक्षित रूप से शेल्टर तक पहुंचाना है, ताकि लॉयन सफारी की तैयारियों में कोई बाधा न आए।
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