संजय राउत की विपक्षी दलों को सलाह, कांग्रेस के झंडे तले फिर हों एकजुट

मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस से अलग होकर बनी कई क्षेत्रीय पार्टियों को फिर से कांग्रेस के साथ खड़ा होने पर विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्ष को मजबूत करने के लिए यह एक अहम कदम हो सकता है।
मीडिया से बातचीत के दौरान राउत ने कहा कि निजी चर्चाओं में अक्सर यह बात सामने आती है कि जो दल कभी कांग्रेस का हिस्सा थे और बाद में अलग होकर अपनी राजनीतिक पहचान बना चुके हैं, उन्हें व्यापक विपक्षी एकता के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत
संजय राउत ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), बीजू जनता दल (बीजेडी) और तेलंगाना की कुछ राजनीतिक पार्टियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई क्षेत्रीय दल अपने-अपने राज्यों में कांग्रेस के सहयोग और समर्थन की अपेक्षा रखते हैं। ऐसे में सभी समान विचारधारा वाले दलों को एक साझा मंच पर आने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी दल एकजुट होकर काम करें तो वे राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत विकल्प प्रस्तुत कर सकते हैं। राउत का मानना है कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के मुकाबले प्रभावी चुनौती खड़ी करने के लिए विपक्ष का संगठित होना जरूरी है।
विपक्षी खेमे में चल रही है चर्चा
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के भीतर इस दिशा में विचार-विमर्श जारी है। हालांकि उन्होंने किसी औपचारिक प्रक्रिया या प्रस्ताव का उल्लेख नहीं किया, लेकिन संकेत दिए कि विपक्षी एकता को लेकर विभिन्न स्तरों पर बातचीत हो रही है।
राउत के इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब देश में विपक्षी दल आगामी राजनीतिक रणनीति और गठबंधन की संभावनाओं पर लगातार मंथन कर रहे हैं।
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