केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया मोड़, सिया और चेतन ने पॉलीग्राफ टेस्ट से किया इनकार

HIGHLIGHTS
- केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
- जांच के दौरान चेतन के एक दोस्त का नाम भी सामने आया है, जिसे कथित तौर पर हत्या की योजना पहले से पता थी और उससे पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुणे जिले के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में नया मोड़ आ गया है। मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल और सहआरोपी चेतन चौधरी ने पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने से इनकार कर दिया है। वहीं, जांच के दौरान चेतन के एक करीबी दोस्त का नाम भी सामने आया है, जिसे कथित तौर पर हत्या की योजना पहले से बताई गई थी।
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को सिया गोयल और चेतन चौधरी को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
पूछताछ में सामने आए विरोधाभास
पुणे ग्रामीण पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई बयानों में विरोधाभास मिले। इसी वजह से पुलिस ने सच्चाई स्पष्ट करने के लिए अदालत से पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति मांगी थी। हालांकि भारतीय कानून के तहत आरोपी की सहमति के बिना यह परीक्षण नहीं कराया जा सकता, इसलिए दोनों के इनकार के बाद यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच
पुलिस का कहना है कि मामले में परिस्थितिजन्य और डिजिटल साक्ष्य काफी मजबूत हैं। जांच के दौरान सिया के घर से घटना वाले दिन पहने गए कपड़े और एक अतिरिक्त मोबाइल फोन बरामद किया गया। मोबाइल डेटा और चैट की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर आपस में गुप्त कोड शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे। अब जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर डिलीट किए गए डेटा और कोड भाषा को समझने की कोशिश की जा रही है।
चेतन के दोस्त से भी पूछताछ
जांच में यह भी पता चला है कि महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला और वर्तमान में पुणे के बालेवाड़ी इलाके में नौकरी करने वाला एक युवक घटना से पहले चेतन के लगातार संपर्क में था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, चेतन ने कथित तौर पर इस युवक को पहले ही केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से धक्का देकर मारने की योजना के बारे में बताया था। उसने युवक को वारदात वाले दिन अपने साथ चलने के लिए भी कहा था, लेकिन युवक ने इससे इनकार कर दिया और चेतन को ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी थी।
वारदात के बाद भी दोस्त से मिला था चेतन
पुलिस का दावा है कि घटना को अंजाम देने के बाद चेतन सीधे उसी युवक के पास गया था। फिलहाल पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और उसके बयान के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
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