‘शिवसेना (UBT) को अभी और झटके लगेंगे’, एकनाथ शिंदे के बयान से महाराष्ट्र में हलचल

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे और सदन से वॉकआउट के बीच राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद उन्हें “जोर का झटका” लगा है, जिससे उनका संतुलन प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि आगे भी ऐसे राजनीतिक झटके लगते रहेंगे।
मंगलवार को विधानसभा में अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कुछ विभागों से जुड़े सवालों के जवाब संबंधित विभाग के बजाय अन्य मंत्रियों से दिलाने का निर्देश दिया था। इस फैसले का विपक्षी दलों—कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) और शिवसेना (यूबीटी)—ने कड़ा विरोध किया। विरोध स्वरूप आदित्य ठाकरे सहित विपक्षी विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
इसके बाद सदन में बोलते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी सामूहिक होती है और सभी मंत्री मिलकर सदन में उठाए गए सवालों का जवाब देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं भी सदन में उपस्थित होकर जवाबदेही निभाते हैं।
इसी दौरान शिंदे ने विपक्षी बेंचों की ओर इशारा करते हुए कहा कि हाल के घटनाक्रमों से उन्हें बड़ा झटका लगा है और इसी कारण उनका राजनीतिक संतुलन बिगड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में स्थिति और बदल सकती है।
राजनीतिक हलकों में शिंदे के बयान को हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के उनके गुट में शामिल होने से जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा यह भी है कि आगे कुछ और विधायक भी पार्टी बदल सकते हैं।
उधर, शिवसेना (यूबीटी) ने इन घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक प्रेस वार्ता में शिंदे गुट पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार दलबदल और अवसरवाद बढ़ता जा रहा है।
राउत ने नासिक विधान परिषद चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि भले ही उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में विजयी उम्मीदवार को राजनीतिक दबाव में शामिल करा लिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
संजय राउत ने आगे कहा कि राज्य की राजनीति में असली चेहरे अब सामने आ रहे हैं और समय के साथ सभी सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.