अमेरिका ने मादुरो को देश छोड़ने का दिया अल्टीमेटम, बातचीत असफल

वाशिंगटन/काराकास। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को फोन पर चेतावनी दी कि यदि उन्होंने तुरंत सत्ता छोड़कर देश नहीं छोड़ा, तो परिणाम गंभीर होंगे। यह कदम ऐसे समय में आया है जब कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियाँ पहले से बढ़ चुकी हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने मादुरो को साफ तौर पर कहा कि वह और उनके करीबी अपने जीवन को बचाने के लिए तत्काल देश छोड़ें। अमेरिका ने मादुरो और उनके परिवार को सुरक्षित बाहर निकलने का प्रस्ताव दिया, जिसमें उनके कई शीर्ष सहयोगी भी शामिल थे। मादुरो ने इसे ठुकरा दिया और दो शर्तें रखीं: उन्हें और उनके करीबी सहयोगियों को वैश्विक स्तर पर माफी मिले और वेनेजुएला की सेना पर उनका नियंत्रण बना रहे। अमेरिका ने इन शर्तों को अस्वीकार कर दिया, जिससे बातचीत का मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
ट्रंप ने इस वार्ता की पुष्टि की, लेकिन बातचीत के विवरण साझा करने से इनकार किया। इसके कुछ घंटों बाद उन्होंने घोषणा की कि वेनेजुएला का एयरस्पेस बंद माना जाएगा, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें देश के ऊपर से गुजरना बंद कर दी गईं। कई एयरलाइनों ने वैकल्पिक मार्ग अपनाए, जबकि कुछ ने उड़ानें स्थगित कर दीं।
रिपोर्टों के अनुसार, कॉल 16 नवंबर को हुई थी। मादुरो ने वैश्विक माफी और सेना पर नियंत्रण की गारंटी की मांग की थी, लेकिन अमेरिका ने तत्काल पद छोड़ने की सख्त शर्त रखी। मादुरो सरकार ने बातचीत की कोशिशें जारी रखीं, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह मादुरो शासन के लिए अब तक का सबसे बड़ा दबाव है।
बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका ने सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया। अमेरिकी जहाज और लड़ाकू विमान कैरेबियन में सक्रिय देखे गए। अमेरिका का आरोप है कि वेनेजुएला से ड्रग तस्करी अमेरिका में 1 लाख लोगों की मौत की वजह बनी है। अमेरिकी सीनेटर डेव मैकॉरमिक ने इसे फेंटेनाइल और ओपिऑइड संकट बताया और मादुरो पर जिम्मेदारी लगाई।
जवाब में वेनेजुएला ने कई विदेशी एयरलाइनों के परिचालन अधिकार रद्द कर दिए और अमेरिकी कार्रवाई को "औपनिवेशिक आक्रामकता" करार दिया। सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिका कैरेबियन में तनाव बढ़ाकर देश पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। एयरस्पेस प्रतिबंध के कारण कई उड़ानों के मार्ग बदले गए, जिससे यात्रियों को लंबा समय लग रहा है और अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।
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