बंगाल में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले पर सियासत तेज, TMC-BJP आमने-सामने

HIGHLIGHTS
- पश्चिम बंगाल में 12 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या मामले ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है।
- टीएमसी, कांग्रेस और भाजपा के बीच इस घटना को लेकर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर तीखी बयानबाजी हो रही है।
- घटना के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम और तनाव की स्थिति बनी, जबकि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 12 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।
टीएमसी ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि हालात सामान्य नहीं हैं और इसे “अत्यंत गंभीर स्थिति” के रूप में देखा जाना चाहिए। टीएमसी सांसदों ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नेताओं को रोका जाना गलत है और इससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल उठते हैं।
विपक्ष और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि दुष्कर्म जैसी घटनाएं किसी भी राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर हर सरकार को समान रूप से जवाबदेह होना चाहिए, चाहे वह किसी भी पार्टी की हो।
भाजपा का पलटवार
वहीं, भाजपा ने टीएमसी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राज्य सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि पिछले कई वर्षों में राज्य में कई गंभीर घटनाएं हुई हैं, लेकिन सरकार की ओर से समय पर कार्रवाई और संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अब राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को तूल दिया जा रहा है।
घटना का विवरण
यह मामला तब सामने आया जब 12 वर्षीय बच्ची का शव बरुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरे में बंद हालत में मिला। बच्ची एक दिन पहले लापता हुई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और कई जगह प्रदर्शन, सड़क जाम और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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