देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने एक बड़े कर्ज घोटाले की जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को दी है। बैंक के अनुसार, SREI ग्रुप से जुड़ी दो कंपनियों के मामलों में कुल 2,434 करोड़ रुपये का लोन फ्रॉड सामने आया है। यह मामला SREI इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड और SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड से संबंधित है, जिसमें कंपनी के पूर्व प्रमोटरों की भूमिका बताई जा रही है।
PNB ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि SREI इक्विपमेंट फाइनेंस से जुड़े मामले में लगभग 1,241 करोड़ रुपये और SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस से संबंधित फ्रॉड की राशि करीब 1,193 करोड़ रुपये है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों खातों में पहले ही 100 प्रतिशत प्रावधान (प्रोविजनिंग) किया जा चुका है, इसलिए इस खुलासे से बैंक की वित्तीय स्थिति पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।
NCLT प्रक्रिया के तहत निपटारा
दोनों कंपनियां कॉरपोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के समक्ष गई थीं। बाद में इनके समाधान प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। अगस्त 2023 में नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (NARCL) की योजना को स्वीकृति मिलने के बाद कंपनियों के बोर्ड का पुनर्गठन भी किया गया।
गौरतलब है कि SREI ग्रुप ने वर्ष 1989 में फाइनेंस सेक्टर में कदम रखा था और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट फाइनेंसिंग में इसकी मजबूत पहचान थी। हालांकि, कमजोर वित्तीय प्रबंधन और बढ़ते डिफॉल्ट के कारण अक्टूबर 2021 में कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
बैंक की वित्तीय स्थिति
PNB के मुताबिक, सितंबर तिमाही के अंत तक बैंक का कुल प्रोविजन 643 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक है। वहीं, बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो बढ़कर 96.91 प्रतिशत पर पहुंच गया है, जिसे एसेट क्वालिटी के लिहाज से मजबूत संकेत माना जा रहा है।
शेयर बाजार में स्थिति
शेयर बाजार में इस सूचना के सामने आने से पहले PNB का शेयर हल्की गिरावट के साथ 120.35 रुपये पर बंद हुआ था। हालांकि, साल की शुरुआत से अब तक बैंक के शेयर में करीब 17 प्रतिशत की तेजी दर्ज की जा चुकी है। बीते तीन वर्षों में निवेशकों को इसमें लगभग 144 प्रतिशत का रिटर्न मिला है। वर्तमान में बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.39 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर है।