महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों की जान चली गई। विमान सुबह 8:10 बजे सकाली एयरफील्ड से उड़ान भरकर बारामती हवाई अड्डे की ओर जा रहा था, लेकिन 8:50 बजे रनवे के पास क्रैश हो गया। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी घटनास्थल पर पहुंचे।

हादसे में मृतक
जान गंवाने वालों में उप मुख्यमंत्री अजित पवार, उनके सुरक्षा अधिकारी विदीप जाधव, विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल हैं।

अजित पवार
अजित पवार महाराष्ट्र के लंबे समय तक सेवा देने वाले उपमुख्यमंत्रियों में शामिल थे, और लगातार छह बार इस पद पर रहे। 1982 में उन्होंने सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1991 में वे पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने और उसी वर्ष बारामती लोकसभा सीट से पहली बार निर्वाचित हुए। बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली की। उन्होंने बारामती विधानसभा क्षेत्र से सात बार महाराष्ट्र विधानसभा में जीत दर्ज की। नवंबर 2019 में एनसीपी के एक धड़े के साथ भाजपा नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हुए और उपमुख्यमंत्री बने।


विदीप जाधव
विदीप जाधव उप मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारी थे और बारामती जाते समय उनके साथ विमान में सवार थे।


कैप्टन सुमित कपूर
कैप्टन सुमित कपूर विमान में पायलट-इन-कमांड (PIC) थे। वे अनुभवी पायलट थे और टेक-ऑफ तथा लैंडिंग के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेते थे। विमान लियरजेट 45एक्सआर (VT-SSK) रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ।

कैप्टन शांभवी पाठक
सह-पायलट शांभवी पाठक वीसीआर वेंचर्स के इस लियरजेट विमान में तैनात थीं। वे 2022 में इस कंपनी से जुड़ी थीं और मुंबई विश्वविद्यालय से एविएशन की पढ़ाई करने के बाद न्यूजीलैंड की अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक पायलट अकादमी में प्रशिक्षण ले चुकी थीं।


पिंकी माली
फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली जौनपुर जिले की केराकत तहसील की निवासी थीं। वे पिछले पांच-छह वर्षों से फ्लाइट अटेंडेंट के रूप में कार्यरत थीं और अपने परिवार के साथ मुंबई में रहती थीं।


इस हादसे ने बारामती और महाराष्ट्र की राजनीति और नागरिकों को स्तब्ध कर दिया है। अधिकारियों ने घटनास्थल पर जांच शुरू कर दी है और विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए टीमों को लगाया गया है।