नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइन एअर इंडिया ने मौजूदा वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए खर्चों पर नियंत्रण की दिशा में सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों को गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करने के निर्देश दिए हैं, जबकि साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल कर्मचारियों की नौकरियों पर किसी तरह का खतरा नहीं है।
एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी अब वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने सभी विभागों से तत्काल प्रभाव से अनावश्यक खर्चों को रोकने और भविष्य में भी गैर-जरूरी खर्चों से बचने को कहा है।
विल्सन ने इस दौरान इस बात पर जोर दिया कि कंपनी का फोकस खर्चों में पारदर्शिता लाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर है, ताकि आर्थिक दबाव को कम किया जा सके। उन्होंने संकेत दिए कि मौजूदा परिस्थितियों में हर स्तर पर लागत नियंत्रण बेहद जरूरी हो गया है।
हालांकि, खर्चों में कटौती की खबरों के बीच कर्मचारियों में संभावित छंटनी को लेकर बनी चिंता को कंपनी ने खारिज किया है। एअर इंडिया के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी रविंद्र कुमार जीपी ने एक टाउनहॉल बैठक में कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि कंपनी फिलहाल किसी प्रकार की छंटनी की योजना नहीं बना रही है।
प्रबंधन की ओर से कहा गया कि एयरलाइन अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए संचालन लागत कम करने पर काम कर रही है, लेकिन इसका असर कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा पर नहीं पड़ेगा। कंपनी का उद्देश्य खर्चों को नियंत्रित करते हुए संचालन को अधिक प्रभावी और स्थिर बनाना है।