नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को हजारों करोड़ रुपये के कथित नुकसान से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अनिल अंबानी समूह की कंपनियों पर शिकंजा कस दिया है। शनिवार को जांच एजेंसी ने मुंबई में रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

सीबीआई की यह कार्रवाई रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामलों में की गई। एजेंसी ने कंपनियों के निदेशकों के आवासों और उन कथित बिचौलिया कंपनियों के दफ्तरों की भी तलाशी ली, जिनके जरिए बैंक फंड की हेराफेरी किए जाने का संदेह है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस कथित वित्तीय अनियमितता से सरकारी बैंकों और एलआईसी को करीब 27,337 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जांच में यह भी सामने आया है कि कई ऐसी कंपनियां, जिनका इस्तेमाल फंड ट्रांसफर और डायवर्जन के लिए किया गया, एक ही पते से संचालित हो रही थीं।

बताया गया कि सीबीआई ने शुक्रवार को मुंबई की विशेष अदालत से सर्च वारंट हासिल करने के बाद यह कार्रवाई शुरू की। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।

सूत्रों के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी की शिकायतों के आधार पर सीबीआई पहले ही रिलायंस समूह से जुड़े सात अलग-अलग मामले दर्ज कर चुकी है। इन मामलों में बीते कुछ महीनों के दौरान कई अन्य स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया था।

इससे पहले 24 अप्रैल को रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने बैंकिंग संचालन और फंड उपयोग में अहम भूमिका निभाई थी। फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।

सीबीआई की इस कार्रवाई को देश के कॉर्पोरेट और बैंकिंग सिस्टम में कथित वित्तीय गड़बड़ियों के खिलाफ बड़े अभियान के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है तथा कंपनी के शीर्ष प्रबंधन से भी पूछताछ की जा सकती है।