बोधगया (बिहार)। म्यांमार के राष्ट्रपति जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने शनिवार को विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में दर्शन-पूजन कर विश्व शांति और मानव कल्याण की प्रार्थना की। उनके आगमन को लेकर पूरे बोधगया क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई और शहर को हाई अलर्ट जोन में बदल दिया गया।

गया एयरपोर्ट से बोधगया तक कड़ा सुरक्षा घेरा

शनिवार सुबह करीब 9 बजे राष्ट्रपति विशेष विमान से गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां बिहार के राज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला कड़ी सुरक्षा के बीच सड़क मार्ग से बोधगया रवाना हुआ।

राष्ट्रपति के साथ म्यांमार सरकार का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा।

महाबोधि मंदिर में किया दर्शन-पूजन

बोधगया पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ने महाबोधि मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और कुछ समय मंदिर परिसर में बिताया। इस दौरान बौद्ध परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही पर प्रशासन ने विशेष निगरानी रखी।

पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा तैनात

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। महाबोधि मंदिर से लेकर एयरपोर्ट मार्ग तक बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया।

जिला पदाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में जुटे रहे। पुलिस बल, विशेष सुरक्षा इकाइयों और खुफिया एजेंसियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया।

बर्मीज मठ और सुजाता मंदिर का भी किया दौरा

महाबोधि मंदिर के बाद राष्ट्रपति ने सुजाता बाईपास रोड स्थित बर्मीज बौद्ध मठ का दौरा किया। इसके बाद वे बकरौर स्थित ऐतिहासिक सुजाता मंदिर भी पहुंचे और वहां पूजा-अर्चना की।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न

प्रशासन की पहले से की गई व्यापक तैयारियों के चलते पूरा दौरा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। दौरे के बाद राष्ट्रपति गया एयरपोर्ट से अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गए।