वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अस्थिरता और घरेलू राजनीतिक दबावों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान संकट को लेकर हुई अहम बैठक बिना किसी ठोस निष्कर्ष के समाप्त हो गई। व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में युद्ध विराम और संभावित समझौते पर चर्चा हुई, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका।

‘समझौते के करीब हैं, लेकिन कई मुद्दे अभी बाकी’

अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दोनों पक्ष समझौते के करीब जरूर हैं, लेकिन ईरान को आर्थिक सहायता और फंड जारी करने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है।

व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप केवल वही समझौता स्वीकार करेंगे जो अमेरिका के हित में हो और उनकी तय “रेड लाइन्स” का पालन करता हो। साथ ही यह भी दोहराया गया कि ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बैठक से पहले सख्त रुख, ट्रंप ने दिए थे संकेत

बैठक से पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि इस चर्चा में युद्धविराम और आगे की रणनीति पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, बैठक के बाद भी ईरान के साथ तनाव कम होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले।

होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं, जिससे बातचीत आगे बढ़ने में बाधा आ रही है।

‘फंड ट्रांसफर पर रोक’, ट्रंप का बयान

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि जब तक नई व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन पर रोक रहेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में बिछाई गई माइंस हटाएगा, जबकि अमेरिका नौसैनिक प्रतिबंधों में ढील देगा और समुद्री आवाजाही सामान्य होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को हटाकर नष्ट किया जाएगा, लेकिन “अगले आदेश तक किसी भी प्रकार के भुगतान की अनुमति नहीं होगी।”

ईरान का जवाब: अभी कोई अंतिम समझौता नहीं

दूसरी ओर ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद जारी है और प्राथमिकता मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने पर है।

उन्होंने कहा कि इस चरण पर यूरेनियम संवर्धन या उससे जुड़े तकनीकी विवरणों पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं हो रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उन्होंने कहा कि इसका भविष्य का प्रबंधन क्षेत्रीय स्तर पर, विशेष रूप से ईरान और ओमान से जुड़ा विषय है।