राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कमजोर घरेलू मांग और वैश्विक बाजार के दबाव के कारण सोना 9,050 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ, जबकि चांदी 10,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गई।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना अब 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। शुक्रवार को यह 1,52,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी भी 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जो पिछले कारोबारी सत्र में 2,40,500 रुपये थी। हाजिर सोना चार महीने के निचले स्तर पर फिसल गया है।

गिरावट के प्रमुख कारण

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि मुख्य कारण हैं। इससे मुद्रास्फीति बढ़ने की संभावना बढ़ी और आक्रामक मौद्रिक नीति अपनाए जाने की उम्मीद भी बढ़ी।

गांधी के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि और डॉलर की मजबूती ने सोना और चांदी की कीमतों पर दबाव डाला।

वैश्विक बाजार की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में गिरावट देखी गई। हाजिर सोना 227.42 अमेरिकी डॉलर गिरकर 4,263.73 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो 5.06 फीसदी की गिरावट है। चांदी भी 4.25 अमेरिकी डॉलर गिरकर 63.53 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गई, जो 6.3 फीसदी की गिरावट दर्शाती है।

मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि बढ़ती ब्याज दर की उम्मीदों ने वैश्विक स्तर पर बहुमूल्य धातुओं के भाव पर दबाव डाला है।

भविष्य के लिए अनुमान

वेंचुरा कमोडिटी और सीआरएम के प्रमुख एन. एस. रामास्वामी ने ईरान संघर्ष और तेल संकट को मुख्य कारण बताया। इससे स्वर्ण भंडार बनाने वाले देशों की क्षमता प्रभावित हुई और सोने की मांग में कमी आई।

रामास्वामी के अनुसार, केंद्रीय बैंक अस्थायी राजस्व कमी के बावजूद अपनी स्वर्ण संचय नीति नहीं छोड़ेंगे। जब तेल का प्रवाह सामान्य होगा और अधिशेष फिर से बढ़ेगा, तो सोने की लंबी अवधि की मांग फिर मजबूत हो सकती है।