नई दिल्ली। सर्राफा बाजार में चार दिन लगातार गिरावट के बाद मंगलवार को सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 1,200 रुपए की बढ़त के साथ 1.44 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो पर स्थिर रही।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9% शुद्धता वाला सोना सोमवार को 1,43,600 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जिसके बाद यह तेजी दर्ज की गई। कारोबारी मान रहे हैं कि हाल की भारी गिरावट ने निचले स्तर पर खरीदारी को बढ़ावा दिया और वैश्विक बाजार में सुधार भी कीमतों को सहारा मिला।

शहरवार सोना-चांदी के ताजा भाव

शहरसोना/10 ग्राम (24K)सोना/10 ग्राम (22K)सोना/10 ग्राम (18K)चांदी प्रति किलो
नई दिल्ली₹139,660₹128,022₹104,745₹221,980
मुंबई₹139,900₹128,242₹104,925₹222,360
पटना₹140,050₹128,379₹105,038₹223,190
जयपुर₹140,110₹128,434₹105,083₹223,280
कानपुर₹140,170₹128,489₹105,128₹223,370
लखनऊ₹140,170₹128,489₹105,128₹223,370
भोपाल₹140,280₹128,590₹105,210₹223,540
इंदौर₹140,280₹128,590₹105,210₹223,540
चंडीगढ़₹140,130₹128,453₹105,098₹223,310
रायपुर₹140,060₹128,388₹105,045₹224,100

वैश्विक बाजार की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना नौ सत्र की गिरावट के बाद स्थिर हुआ। ट्रेडिंग के दौरान सोना 4,389 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जो 17 डॉलर यानी 0.40% की गिरावट दर्शाता है। वहीं, चांदी 0.94% गिरकर 68.70 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।

विशेषज्ञ का राय: एकमुश्त खरीदारी से बचें

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने निवेशकों को एकमुश्त बड़ी खरीदारी से बचने की सलाह दी। उनके अनुसार, सोना और चांदी दोनों में अभी और गिरावट की संभावना है। उन्होंने कहा:

  • अगर आपके घर में शादी या व्यक्तिगत उपयोग के लिए सोना चाहिए, तो आप खरीदारी कर सकते हैं।
  • निवेश के नजरिए से अभी निचले स्तर का इंतजार करना बेहतर रहेगा।
  • सोने का टारगेट प्राइस 1.12–1.15 लाख रुपए और चांदी 1.75–1.80 लाख रुपए तक गिर सकता है।

लंबी अवधि में रिटर्न का संकेत

अजय केडिया ने बताया कि भले ही अभी छोटी अवधि में दबाव और करेक्शन है, लेकिन लंबी अवधि में सोना-चांदी में तेजी देखने को मिलेगी। युद्ध के बाद और मार्केट का टाइम करेक्शन पूरा होने के बाद, सोना-चांदी में मजबूत उछाल की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि क्लीन एनर्जी और नई तकनीकों में चांदी के इस्तेमाल के कारण अगले 2-3 सालों में निवेशकों को 15% तक का स्टैंडर्ड रिटर्न मिल सकता है, बशर्ते नजरिया लंबा रखा जाए।