पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधाओं को लेकर बढ़ती चिंता इस तेजी का मुख्य कारण मानी जा रही है।
इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ा तनाव
क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे पर हुए हालिया हमलों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। बुधवार रात स्थानीय समयानुसार, इस्राइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाया। इसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया, जो दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) उत्पादन केंद्रों में से एक है।
कतर ने हमले की पुष्टि की
कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। यह पिछले 12 घंटों में इस महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र पर दूसरा हमला है।
कतरएनर्जी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मिसाइल हमले के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया और आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
वैश्विक बाजारों में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया दुनिया की तेल और गैस आपूर्ति का अहम केंद्र होने के कारण इस तरह की घटनाएं वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं। इससे कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है।
अल जजीरा की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्राइली लड़ाकू विमानों ने ईरान के बुशेहर स्थित एक गैस सुविधा को भी निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।