अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली। दिन की शुरुआत में कीमतों में गिरावट थी, लेकिन बाद में मजबूती के साथ ब्रेंट क्रूड 1.3% बढ़कर 98.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड की कीमत भी 1.6% बढ़कर 91.75 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई। पिछले दिन यानी बुधवार को ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में यह उछाल ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर है। बुधवार को ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम योजना को ठुकरा दिया। इससे पहले अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को 15 बिंदुओं वाला शांति प्रस्ताव दिया था, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और बिजली संयंत्रों पर हमले की समय सीमा से जुड़ी शर्तें शामिल थीं।
साथ ही, ईरान ने इस्राइल और खाड़ी के कुछ देशों पर हमले तेज कर दिए हैं। वहीं, इस्राइल ने ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए और अमेरिका ने क्षेत्र में अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है।
तेल परिवहन के लिए अहम मार्ग होर्मुज जलडमरूमुख पर तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल सप्लाई पर असर पड़ा है। यह जलमार्ग दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। युद्ध के बाद से यह मार्ग काफी हद तक बंद है, जिससे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस संकट के शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 40 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं, और यह स्थिति अब अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है।