भारतीय शेयर बाजार में वर्ष 2025 का अंत उम्मीद से कुछ कमजोर माहौल के साथ होता नजर आ रहा है। मंगलवार को कारोबार की शुरुआत में ही दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली हावी रही, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में दिखाई दिए। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, साल के आखिरी दिनों में घटते ट्रेडिंग वॉल्यूम और विदेशी निवेशकों की निरंतर पूंजी निकासी ने बाजार की चाल को प्रभावित किया है।
प्रारंभिक सत्र में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 209 अंक से अधिक लुढ़ककर 84,486 के स्तर पर आ गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी करीब 63 अंक गिरकर 25,878 के आसपास कारोबार करता दिखा। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, वर्ष के अंत में दिख रही यह नरमी अस्थायी है और इससे बाजार की दीर्घकालिक दिशा में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं मिलते।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव
लगातार एफआईआई निकासी और वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के चलते निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स की प्रमुख 30 कंपनियों में इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। दूसरी ओर भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला संकेत
एशियाई शेयर बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। हांगकांग का हैंगसेंग हरे निशान में रहा, जबकि जापान का निक्केई 225, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इससे पहले सोमवार को अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए थे।
एक्सचेंज से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 2,759 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग 2,643 करोड़ रुपये की खरीदारी की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड मामूली तेजी के साथ 61.96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
गौरतलब है कि सोमवार को सेंसेक्स 345 अंक से अधिक गिरकर 84,695 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 100 अंकों की गिरावट के साथ 25,942 के स्तर पर आ गया था।