नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता का असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार लाल निशान में खुले और प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

30 शेयरों वाला BSE Sensex 142.11 अंक टूटकर 74,507.73 पर खुला। वहीं Nifty 50 67.6 अंक गिरकर 23,415.95 पर खुला।

बाद में कारोबार के दौरान बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स 782.10 अंकों की गिरावट के साथ 73,867.74 तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 205.05 अंक टूटकर 23,278.50 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 में 0.85% और Nifty Smallcap 100 में 0.58% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर बनी रही।

रुपये में भी हल्की गिरावट

मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे कमजोर होकर 95.47 पर खुला, जबकि मंगलवार को यह 95.27 पर बंद हुआ था।

सेक्टोरल प्रदर्शन: IT शेयरों में भारी गिरावट

सेक्टरवार बात करें तो आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। Nifty IT में करीब 3.9% की गिरावट दर्ज की गई।

इसके अलावा रियल्टी, मीडिया, फाइनेंशियल सर्विसेज, FMCG और PSU बैंक सेक्टर भी लाल निशान में रहे। हालांकि ऑटो और मेटल सेक्टर ने अपेक्षाकृत कम गिरावट के साथ कुछ मजबूती दिखाई।

दिग्गज IT कंपनियों के शेयरों में बिकवाली

शुरुआती कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयरों पर भारी दबाव दिखा। Tata Consultancy Services (TCS) में करीब 6.6% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। वहीं Tech Mahindra, Infosys और HCL Technologies के शेयर भी 3.1% से 4.3% तक टूट गए।

बाजार विशेषज्ञों की राय

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी ने 23,262 के स्तर से कुछ मजबूती दिखाई है और यह 23,153 तथा 23,106 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। फिलहाल 23,229 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बंद नहीं होता, तब तक बाजार में मजबूत तेजी की पुष्टि नहीं मानी जाएगी।

निवेशकों की नजर RBI बैठक पर

घरेलू स्तर पर अब सभी की निगाहें भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक पर टिकी हैं, जो बुधवार से शुरू होकर शुक्रवार तक चलेगी। इस बैठक के नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।