नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने मंगलवार को नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से आयोजित किया जाए।

मंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पिछली खामियों को दूर करने के निर्देश

समीक्षा बैठक में National Testing Agency की भूमिका और तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि पिछली परीक्षा में सामने आई कमियों को पूरी तरह दूर किया जाए, ताकि भविष्य में किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय बैठकें की जाएं, जिससे परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से लागू हों और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत रोका जाए।

छात्रों के लिए सुविधाओं पर ध्यान

शिक्षा मंत्री ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षार्थियों के लिए परिवहन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं।

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा को अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया।

पहले ही घोषणा की जा चुकी है कि नीट यूजी पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए परीक्षा को अगले वर्ष से कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने की योजना भी बनाई गई है।