ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हालिया हमलों के बाद तुरंत प्रतिक्रिया दी है। शुरुआत में उसने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन बाद में ईरानी “शाहेद” ड्रोन दुबई के व्यस्त इलाके में गिर गया। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि ड्रोन दो इमारतों के बीच वाले क्षेत्र में टकराता है और जोरदार विस्फोट के साथ आग की लपटें उठती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया शाहेद ड्रोन ईरान की सबसे खतरनाक हथियार प्रणाली में शामिल है। इसकी मारक क्षमता लगभग 2,500 किलोमीटर है, जबकि यह 30 से 50 किलो तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है। इसकी लागत अपेक्षाकृत कम है, और यह हमास, हिज्बुल्लाह और हूती विद्रोहियों द्वारा भी उपयोग किया जाता है।

व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर बताया कि तत्कालीन राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मार-ए-लागो एस्टेट से अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ रातभर स्थिति पर नजर रखी और ऑपरेशन के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत की।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद आपात बैठक बुलाई। रूस और चीन ने इस आपातकालीन सत्र का अनुरोध किया, जबकि फ्रांस, बहरीन और कोलंबिया ने भी बैठक का समर्थन किया। रूसी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि परिषद के सामने अमेरिका और इजरायल से अवैध कार्रवाई तुरंत बंद करने और राजनीतिक समाधान की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद में संबोधन से पहले एक बयान में पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव की निंदा की। उन्होंने कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। गुटेरेस ने तत्काल संघर्ष रोकने और तनाव कम करने का आह्वान किया।